🌸 हमारा उद्देश्य 🌸

श्री सुरकंडा देवडोली दरबार का उद्देश्य समाज में श्रद्धा, सेवा, संस्कार एवं आध्यात्मिक जागरूकता का प्रसार करना है। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक भक्त तक धार्मिक जानकारी, पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक परंपराओं एवं सामाजिक सेवा कार्यों की सही जानकारी पहुँच सके। ट्रस्ट द्वारा धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव, सहयोग और मानव सेवा की भावना को बढ़ावा दिया जाता है। बच्चों की शिक्षा सहायता, जरूरतमंदों की मदद, वृद्धजनों की सेवा तथा धार्मिक संस्कारों के प्रचार-प्रसार के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं। हम माँ भगवती से प्रार्थना करते हैं कि उनके आशीर्वाद से यह सेवा कार्य निरंतर आगे बढ़ता रहे और समाज में सकारात्मकता, शांति एवं धर्म की ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे।

🌸 गुरु जी का जीवन परिचय 🌸

माँ सुरकंडा देवी डोली दिव्य दरबार ट्रस्ट के अध्यक्ष / भगवती उपासक आचार्य श्री अजय बिजल्वाण जी का जन्म 01/07/2001 को बामण गाँव गाजा टिहरी गढ़वाल मैं हुआ था

जहाँ कुछ वर्षों के बाद गाऊँ का डूब छेत्र मैं आने से आचार्य श्री को हरिद्वार विस्थापित किए गए जहाँ उन्होंने अपना अध्यन किया एवं उसके उपरांत माँ भगवती की किरपापात्र से एवं भगवती की आज्ञा स्वरूप आचार्य श्री अजय बिजलवान जी ऋषिकेश श्री दर्शन महाविद्यालय आये जहाँ उन्होंने अपना अध्यन किया और आज माँ भगवती सुरकंडा देवी डोली दिव्य दरबार ट्रस्ट के अध्यक्ष का नेतृत्व कर रहे है

🌸 मुख्य पुजारी जी का जीवन परिचय 🌸

मुख्य पुजारी आचार्य श्री सचिन डबराल जी का जन्म 05 फरवरी 1998 को उत्तराखण्ड के जनपद उत्तरकाशी के नौगाँव क्षेत्र में हुआ। इनके पूज्य पिता जी का नाम श्री रमेश दत्त डबराल जी तथा माता जी का नाम श्रीमती प्रकाशी देवी जी है।

वर्ष 2014 में आचार्य श्री सचिन डबराल जी ऋषिकेश स्थित श्री दर्शन महाविद्यालय में अध्ययन हेतु आए, जहाँ उन्होंने शास्त्री एवं आचार्य की शिक्षा प्राप्त की तथा अपने आध्यात्मिक जीवन को समर्पित किया।इसी दौरान उनकी भेंट पूज्य आचार्य श्री अजय बिजलवान जी से हुई। माँ भगवती की दिव्य कृपा एवं प्रेरणा से आचार्य श्री सचिन डबराल जी को मुख्य पुजारी के रूप में सेवा करने का आशीर्वाद एवं वचन प्राप्त हुआ।

हमारी सेवाएं एवं कार्यक्रम

श्री सुरकंडा देवी डोली दिव्य दरबार ट्रस्ट समाज एवं मानवता की सेवा के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का संचालन करता है। हमारी प्रमुख सेवाएं निम्नलिखित हैं:

  • गौ सेवा

  • पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान

  • शिक्षा हेतु सहयोग एवं विद्यालयी सहायता

  • वृद्ध एवं असहाय जन सेवा

  • रक्तदान शिविर

  • असहाय एवं जरूरतमंद कन्याओं के विवाह में सहयोग

  • खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

  • निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा एवं जनजागरूकता अभियान

  • भंडारा एवं अन्न सेवा

  • धार्मिक अनुष्ठान एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम

मानव सेवा ही जीवन की प्रथम सेवा है।

🌸 सामुदायिक सेवा 🌸

श्री सुरकंडा देवडोली दरबार ट्रस्ट केवल धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज सेवा के कार्यों में भी निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य मानव सेवा को ही सच्ची सेवा मानते हुए जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाना है।

ट्रस्ट द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर एवं गरीब बच्चों की शिक्षा हेतु स्कूल फीस, छात्रवृत्ति तथा आवश्यक शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाती है। अब तक ट्रस्ट 50 से अधिक जरूरतमंद बच्चों को लैपटॉप एवं स्कॉलरशिप प्रदान कर चुका है, ताकि वे अपनी शिक्षा बेहतर ढंग से जारी रख सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

इसके अतिरिक्त ट्रस्ट द्वारा वृद्धाश्रमों में रहने वाली वृद्ध महिलाओं के भोजन, स्वास्थ्य एवं दैनिक आवश्यकताओं का खर्च भी वहन किया जाता है। हमारा प्रयास है कि समाज के हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सेवा, सहयोग और सम्मान पहुँच सके।

हम माँ भगवती से यही प्रार्थना करते हैं कि आगे भी हमसे ऐसे सेवा कार्य निरंतर करवाती रहें तथा समाज में प्रेम, सेवा और सद्भाव का संदेश फैलता रहे। 🙏

🌸 धार्मिक शिक्षा और संस्कार 🌸

समाज में धार्मिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति एवं सनातन संस्कारों का प्रचार-प्रसार करना हमारा प्रमुख उद्देश्य है। ट्रस्ट द्वारा बच्चों एवं युवाओं को नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक ज्ञान, सेवा भावना एवं भारतीय परंपराओं से जोड़ने हेतु समय-समय पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

हमारा प्रयास है कि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति, धर्म एवं परंपराओं से जुड़ी रहे तथा समाज में प्रेम, सम्मान, सद्भाव और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाए। भजन-कीर्तन, धार्मिक प्रवचन, संस्कार शिविर एवं आध्यात्मिक गतिविधियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक ऊर्जा एवं धार्मिक जागरूकता फैलाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

हम माँ भगवती से प्रार्थना करते हैं कि उनके आशीर्वाद से समाज में धर्म, सेवा एवं संस्कारों की ज्योति सदैव प्रज्वलित रहे। 🙏